विश्व में ऐसे कई देश हैं जिनसे हम पूर्ण रूप से अनभिज्ञ हैं। जानकारी होना तो दूर हमने कभी समाचारों मे भी उनका नाम नही सुना होगा। कला व खेल आदि क्षेत्रों मे भी उनका योगदान शुन्य होता है। कारण है उन देशों का कम विकसित होना। यह अफ्रीका महाद्वीप में स्थित है। यहाँ "द ग्रेट रिफ्ट वेली" उत्तर से दक्षिण दिशा से होकर गुजरती है।इस घाटी के पूर्व मे न्यासा नामक झील है जिसे "केलिन्डर झील" भी कहा जाता है।
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people of malavi (image: gooogle.com) |
इस देश को पलायन करने वाली अफ्रिका की बैंट आदिवासी जाति ने आबाद किया। सन्1964 मे एक स्वतंत्र बनने के बाद रानी एलिजाबेध 2 ने इस देश को मलावी नाम दिया। 6 जूलाई 1964 को स्वतंत्रता दिवस के रूप मे मनाया जाता है। मलावी की राजधानी "लिलोंग्वे" है जो मलावी देश का सबसे बड़ा शहर भी है।इस देश के लोगों के स्नेहशील व्यव्हार के कारण यह देश अफ्रिाका के "गर्म हृदय" के उपनाम से भी जाना जाता है। मलावी के दो स्थल - "लेक मलावी नेशनल पार्क व चांगोनि रॉक आर्ट" "यूनेस्को के विश्व विरासत स्थल" मे शामिल हैं।
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map of malavi |
इस देश की अर्थव्यवस्था पूर्ण रूप से खेती पर निर्भर हैं। वहाँ की सरकार अर्थव्यवस्था के सुधार ,वातावरण की सुरक्षा ,देशके विकास और शिक्षा व स्वास्थ्य देखभाल जैसे क्षेत्रों मे सुधार के लिए बाहरी आर्थिक मदद पर निर्भर है।
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baby suffring from disease |
प्रतिवर्ष 27000 लोगों की मौत इस जानलेवा बीमारी से होती है।इसके अतिरिक्त देश पर मलेरिया,प्लेग,दस्त आदि जैसै संक्रामक रोगों का भी खतरा मंडराता रहता है। यहाँ मानव अधिकारों का उल्लंघन भी एवगंभीर मुद्दा रहा है।मालवी औरतों के प्रति हिंसा,बाल मजदूरी,मनुष्य तस्करी जैसी समस्याओं से जूझ रहा है।भ्रष्टाचार देश की उन्नति मे रूकावट बनकर खड़ा है।औरतों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों मे कमी होना भी देश के लिए चिंता का विषय है।
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a tourist place of malavi |
यहाँ का तापमान कुछ हिस्सों मे गरम व कुछ हिस्सों मे भूमध्यरेखीय जलवायु जैसा है।मार्च के महीने के बाद यहाँ बारिश होना कम हो जाती है और मई से सितंबर तक शून्य वर्षा होती है।यहाँ हाथी, दरियाई घोड़ा, बंदर,तोता,चमगादड़,उल्लू आदि पशु पक्षी पाये जाते हैं।"मलावी झील" मछलियों की भारी तादाद के लिए बेहद मशहूर है।यह देश 200 पशु, 650 पक्षियों व 5500 वनस्पतियों का घर है।यहाँ प्रमुख रूप से तंबाकू,रूई, गन्ने,मक्का,टमाटर आदि की खेती की जाती है।और देश की 90 प्रतिशत आय इन उत्पादों के निर्यात से प्राप्त होती है।मालवी विश्व मे गांजे की सबसे बेहतरीन उपज के लिए भी मशहूर है।यह मलावी का सोना कहा जाता है।
मलावी मे विभिन्न प्रकार की जातियों के लोग रहते हैं ।इसलिए यहाँ विभिन्न प्रकार की भाषाएं बोली जाती है।नृत्य यहाँ की लोकप्रिय कला है व फुटबॉल यहाँ का प्रिय खेल है।यहाँ व्यंजनों मे नसीमा नामक व्यंजन का सेवन दिन व रात्री के भोजन मे सबसे अधिक किया जाता है।
मलावी बेहद खूबसूरत है। परंतु अपनी खराब आर्थिक स्थिति के कारण यह विश्व मे पिछड़ रहा है।
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